युवा सोच
प्रिय मुख्यमंत्री जी, बिहार में छात्र पढाई करते हैं और सरकारी जॉब पाने के लिए रात-दिन एक कर मेहनत करते हैं लेकिन जब परीक्षा होता हैं और रिजल्ट में उनका नाम नहीं होता तो उन्हें बहुत दुःख होता हैं. घरवाले भी कहते हैं बेटा और मेहनत करो…लेकिन छात्र यह समझ में नहीं पाते कि एक क्लर्क के लिए और कितना मेहनत करने की जरुरत हैं. एक क्लर्क की तैयारी करने वाले के पास आईएएस की नॉलेज हो जाती हैं लेकिन उसका क्लर्क में नहीं होता हैं और उसका सबसे बड़ा कारण परीक्षाओं में चल रही धांधली हैं.
कुछ छात्र तो हार कर, पढाई छोड़ सेटिंग कराने के लिए पैसे के जुगाड़ में लग जाते हैं. मतलब सेटिंग तो पक्का हो जाता हैं अगर पैसा हैं तो. जिसके पास पैसा नहीं या सेटिंग से नहीं चाहता वह कोचिंग टियुशन पढ़ाने लग जाता हैं. मतलब साफ़ हैं मुख्यमंत्री जी सेटिंग की जड़ गाँव-गाँव तक पहुँच चुकी हैं और सबसे ऊपर तक के लोग भी इसमें शामिल हैं. मैं नहीं जानता सत्ता के लोग इसमें जुड़े हैं की नहीं लेकिन जरुर जुड़े होंगे क्योंकि सत्ता तो अब आई हैं धंधा में तो पहले से होंगे.
बिहार के छात्रों का भविष्य हर विभाग में चल रही धांधली से ख़राब हो रहा हैं..पहले टॉपर्स घोटाला हुआ तो इसमें अध्यक्ष तक पकड़ें गये लेकिन अध्यक्ष किसके दबाव में काम कर रहे थे इसका खुलासा नहीं हो पाया. अब सचिव जैसे बड़े पदों पर बैठे लोग बीएसएससी घोटाले में पकड़ें गये हैं और इसमें मंत्री, विधायकों के नाम मीडिया रिपोर्ट से आ रहे हैं तो सवाल बनता हैं सरकार के सिपाही सरकार की जाँच निष्पक्ष कैसे कर सकता हैं.
हम जानते हैं जड़ से समाप्त करना तो मुश्किल हैं लेकिन इसकी जाँच एसआइटी से बड़े एजेंसी या सीबीआई से करानी चाहिए. बिहार के लोग गलत सही सभी में आपको हीरो मानते हैं. आपके और विपक्ष नेता इसमें दोषी पाए जाते हैं तब भी जनता एक मुख्यमंत्री के साहस के लिए आपको और जयादा प्यार देगी...
कुंदन सिंह कनिष्क(युवा सोच)

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